टॉस: पहला छोटा प्रश्न

टॉस मैच का पहला परिणाम है, और यह एक बहुत छोटा तथा सीधा प्रश्न है: कौन-सी टीम टॉस जीतेगी? इसीलिए कई ज्योतिषी इसे KP प्रश्न पद्धति का अभ्यास करने के लिए उपयोगी मानते हैं।

टॉस देखने के दो सामान्य तरीके

1. समय-आधारित कुंडली: टॉस के निर्धारित समय (आमतौर पर पहली गेंद से लगभग आधा घंटा पहले) और मैदान के स्थान की कुंडली बनाई जाती है। फिर उसी तरह लग्न और सप्तम भाव से दोनों कप्तानों या टीमों को देखा जाता है।

2. KP नंबर पद्धति (1 से 249): इस पद्धति में प्रश्नकर्ता या ज्योतिषी 1 से 249 के बीच एक संख्या लेता है। हर संख्या राशिचक्र के एक निश्चित भाग (सब) से जुड़ी होती है, और उसी बिंदु को लग्न मानकर प्रश्न कुंडली बनाई जाती है। फिर संबंधित भाव का सब-लॉर्ड उत्तर देता है।

कौन-से भाव देखे जाते हैं?

टॉस में भी वही सिद्धांत लागू होता है: लग्न वाली टीम के लिए 1, 6 और 11 भाव, और सातवें भाव वाली टीम के लिए 7, 12 और 5 भाव। अंतर बस इतना है कि यह मैच नहीं, केवल सिक्के का परिणाम है, इसलिए कई ज्योतिषी यहाँ केवल मुख्य कस्प के सब-लॉर्ड को ही निर्णायक मानते हैं।

टॉस सीखने के लिए अच्छा क्यों है?

  • परिणाम तुरंत: कुछ ही मिनटों में उत्तर सामने आ जाता है।
  • केवल दो विकल्प: प्रश्न बिल्कुल स्पष्ट होता है, इसलिए नियमों की जाँच आसान होती है।
  • रिकॉर्ड रखना आसान: हर टॉस का नतीजा लिखकर आप अपनी पद्धति की समीक्षा कर सकते हैं।

सावधानी: टॉस का संबंध केवल सिक्के से है, और इसका परिणाम लगभग आधा-आधा होता है। इसलिए कुछ टॉस सही होने से किसी पद्धति की सटीकता सिद्ध नहीं होती। लंबे समय का ईमानदार रिकॉर्ड ही आपको सही तस्वीर दिखाता है।

टॉस के लिए प्रश्न कुंडली और KP नंबर पद्धति को उदाहरणों के साथ सीखने के लिए नीचे दिए बटन से ज्योतिषी से संपर्क करें।