रूलिंग प्लैनेट्स क्या हैं?
KP पद्धति में रूलिंग प्लैनेट्स (शासक ग्रह) उस क्षण के ग्रह हैं जब ज्योतिषी कोई प्रश्न देखता है या कोई घटना शुरू होती है। प्रो. कृष्णमूर्ति ने इन्हें "ईश्वरीय मार्गदर्शन" कहा था, जो कुंडली के संकेतों की पुष्टि करते हैं।
पाँच मुख्य रूलिंग प्लैनेट्स
1. दिन का स्वामी (Day Lord): जिस वार को मैच है, उसका स्वामी। जैसे रविवार का सूर्य, सोमवार का चंद्रमा।
2. लग्न राशि का स्वामी: उस क्षण उदित लग्न की राशि का स्वामी।
3. लग्न नक्षत्र का स्वामी: लग्न जिस नक्षत्र में है, उसका स्वामी।
4. चंद्र राशि का स्वामी: चंद्रमा जिस राशि में है, उसका स्वामी।
5. चंद्र नक्षत्र का स्वामी: चंद्रमा जिस नक्षत्र में है, उसका स्वामी।
कई ज्योतिषी इनके साथ लग्न और चंद्रमा के सब-लॉर्ड को भी देखते हैं।
क्रिकेट में इनका उपयोग
पुष्टि (Confirmation): जब मैच कुंडली में दोनों टीमों के भाव मिले-जुले दिखते हैं, तब ज्योतिषी देखते हैं कि रूलिंग प्लैनेट्स किस पक्ष के कारक ग्रहों से अधिक मेल खाते हैं। जो कारक ग्रह रूलिंग प्लैनेट्स में भी हैं, उन्हें अधिक बलवान माना जाता है।
कमज़ोर कारकों को हटाना: जो ग्रह रूलिंग प्लैनेट्स में नहीं आते, उनके संकेत को कई ज्योतिषी कम महत्व देते हैं। इस तरह बहुत सारे कारकों में से असली निर्णायक ग्रह छाँटे जाते हैं।
समय-निर्धारण: सामान्य KP में रूलिंग प्लैनेट्स घटना के समय का अनुमान लगाने के लिए भी उपयोग होते हैं। मैच के दौरान किसी बड़े मोड़ (जैसे विकेटों का गिरना या रन-गति बदलना) को समझने के प्रयास में भी कुछ ज्योतिषी इनका उपयोग करते हैं।
रोचक प्रश्न-उत्तर (Interesting Q&A)
क्या रूलिंग प्लैनेट्स किसी भी समय निकाले जा सकते हैं?
हाँ, ये किसी भी क्षण के लिए निकाले जा सकते हैं। क्रिकेट में आमतौर पर मैच शुरू होने के समय या ज्योतिषी द्वारा विश्लेषण शुरू करने के समय के रूलिंग प्लैनेट्स देखे जाते हैं। आप कौन-सा समय लेंगे, यह पहले से तय करें।
यदि रूलिंग प्लैनेट्स दोनों पक्षों में बँटे हों?
ऐसा अक्सर होता है। तब ज्योतिषी सब-लॉर्ड के स्तर पर जाकर देखते हैं कि कौन-सा संकेत अधिक मज़बूत है, और यही सूक्ष्म पढ़ाई अनुभव से आती है।


